नलिनीसिंह "नीशी" की रचनाए आप तक
Friday, 17 August 2012
यादे,
यादे हर इन्सान के दिल के करीबी होती है|
अपने जीवन की आश है , जान है||
अधूरे मिलन की आस हैं|
यादों के अपने साथ रहने दो||
यादो को अपने साथ जीने दो|
जिंदगी ! जीने का वजूद है||
नलिनी सिंह "नीशी "
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