दिल को बेकरारी भी आप की, पलकों को इंतज़ार भी आप का |
तू कही आस पास है पता कर लेती हूँ तेरी खुशबू का ||
अब तुम्हारे जूठ से भी हमे प्यार होने लगा है |
अब तुम्हारे सौ जूठ के आगे हम घुटने टेक ले ||
अब तो मेरे खुदा मेरी इतनी दुआ कुबूल कर ले !
के ! !
अब वो आ जाय और हो जाय शामिल मेरी ज़िन्दगी में |
और मै भी उनको गले लगा के " नीशी " अपना बना लू ||
नलिनी सिंह ...... " नीशी "

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