Saturday, 11 August 2012

और मै भी उनको गले लगा के



दिल को बेकरारी भी आप की, पलकों को इंतज़ार भी आप का | 

तू कही आस पास है पता कर लेती हूँ तेरी खुशबू का ||


अब तुम्हारे जूठ से भी हमे प्यार होने लगा है | 

अब तुम्हारे सौ जूठ के आगे हम घुटने टेक ले ||






अब तो मेरे खुदा मेरी इतनी दुआ कुबूल कर ले ! 

के ! ! 


अब वो आ जाय और हो जाय शामिल मेरी ज़िन्दगी में | 

और मै भी उनको गले लगा के " नीशी " अपना बना लू || 


                                           नलिनी सिंह ...... " नीशी "

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