तेरी पायल से ज्यादा तेरी पायल की झंकार से मुजे प्यार है|
तेरे कंगना से ज्यादा तेरे कंगना खनखनाहट से मुजे प्यार है||
तेरे आँखों से ज्यादा तेरी आँखों की छलकती मस्ती से मुजे प्यार है|
तेरी बिंदी से ज्यादा तेरी पवित्र सजी माँग की लाली से मुजे प्यार है||
तेरी चाहत से ज्यादा तेरे चाहने के दिल कश अंदाज़ से मुजे प्यार है|
तेरी चाल मद मस्त से ज्यादा तेरे लहराते आँचल से मुजे प्यार है||
तेरी सुन्दरता से ज्यादा तेरे निश्छल अंतर्मन भाव से मुजे प्यार है|
तेरे प्यार से ज्यादा तेरे प्यार की वफ़ा के एहसास से मुजे प्यार है||
नलिनी सिंह " नीशी "

तेरी आँखोंके इशारों की बहुत याद आई ....
ReplyDeleteआज पत्थरमे बहारोंकी बहुत याद आई.... |
जब साफ़ किये अपने हाथोंसे अपने आंशु ...
तेरे दामनके किनारों की बहुत याद आई.... ||