Monday, 20 August 2012

मुजे प्यार है



तेरी पायल से ज्यादा तेरी पायल की झंकार से मुजे प्यार है|

तेरे कंगना से ज्यादा तेरे कंगना खनखनाहट से मुजे प्यार है|| 


तेरे आँखों से ज्यादा तेरी आँखों की छलकती मस्ती से मुजे प्यार है| 

तेरी बिंदी से ज्यादा तेरी पवित्र सजी माँग की लाली से मुजे प्यार है||




तेरी चाहत से ज्यादा तेरे चाहने के दिल कश अंदाज़ से मुजे प्यार है|

तेरी चाल मद मस्त से ज्यादा तेरे लहराते आँचल से मुजे प्यार है||


तेरी सुन्दरता से ज्यादा तेरे निश्छल अंतर्मन भाव से मुजे प्यार है|

तेरे प्यार से ज्यादा तेरे प्यार की वफ़ा के एहसास से मुजे प्यार है||

                                                          नलिनी सिंह " नीशी "

1 comment:

  1. तेरी आँखोंके इशारों की बहुत याद आई ....
    आज पत्थरमे बहारोंकी बहुत याद आई.... |

    जब साफ़ किये अपने हाथोंसे अपने आंशु ...
    तेरे दामनके किनारों की बहुत याद आई.... ||

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