Wednesday, 15 August 2012

- - हमकदम बन जाते तो - -


हमारे क़दम यूँ ही उठते तेरी आवाज़ से |

मुझे नहीं आता है पलट कर देखना || 


मुझे नहीं आता अधियारे से घबराना | 

मुझे नहीं आता है, कोरे स्वप्न सजाना|| 




मेरा दिल तेरे कदमो में जूक जाता | 

" निशी " मेरी आस्था तेरे कदमो को चूम जाती || 

                                              नलिनी सिंह " निशी "


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