नलिनीसिंह "नीशी" की रचनाए आप तक
Saturday, 1 September 2012
हमे अपने आप को किसी पे लूटाने की
हमे अपने आप को किसी पे लूटाने की,
खवाहिश को लेकर निकल पड़े.
प्यार की राहो में हम निकल पड़े,
कभी दिल की राह से गुजर गये.
अब वो मोहब्बत के अंजाम से डर रहे हैं,
"नीशी " अब वो मुझसे वफा के
मायने पूछ रहे हैं.
नलिनी सिंह " नीशी "
1 comment:
MEHTA
30 September 2012 at 08:35
YOUR CONTEIBUTIONS ARE PROLIFIC...... & FANTASTIC.....
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YOUR CONTEIBUTIONS ARE PROLIFIC...... & FANTASTIC.....
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