रिश्ते और प्यार ! ! क्या है ?
हर पल उसका सामीप्य, मीठी चुभन महसूस का करना,
हर बात पे वादे, कसमें, ये लम्बी - लम्बी करीबी बातें,
काँधे पे ऐतबार का हाथ, हमदर्दीयाँ, अपेक्षाएं, शिकायतें,
फिर भी ! !
" नीशी "रिश्ते और प्यार में,
किसी के इतने पास न जाये,
के दूर जाना खौफ बन जाये.
नलिनी सिंह " नीशी "
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