Thursday, 6 September 2012

रिश्ते और प्यार ! ! क्या है ?


रिश्ते और प्यार ! ! क्या है ? 

हर पल उसका सामीप्य, मीठी चुभन महसूस का करना, 

हर बात पे वादे, कसमें, ये लम्बी - लम्बी करीबी बातें,

काँधे पे ऐतबार का हाथ, हमदर्दीयाँ, अपेक्षाएं, शिकायतें,





फिर भी ! ! 

" नीशी "रिश्ते और प्यार में, 


किसी के इतने पास न जाये, 

के दूर जाना खौफ बन जाये. 


नलिनी सिंह " नीशी "

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