नलिनीसिंह "नीशी" की रचनाए आप तक
Friday, 14 September 2012
हम में दमख़म
हम में दमख़म है,
टकराने का खौफे - तुफानो की जीद से.
हम वो किनारों से खड़े है,
जहां से खेला जाएँ मौजे तुफानो से.
नलिनी सिंह " नीशी
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