Wednesday, 26 September 2012

UNFATI SAANSO






1 comment:

  1. इसको कहे हम इश्क या उम्र का बहाव
    दे कर गया है दिल की गहराइओ मे घाव

    अभी तो कितनी मंज़िले पर करना है
    अभी तो कितने रास्तो से गुजरना है
    कभी न आया...न आएगा
    ये पथरीला पड़ाव.................।

    कहते थे हम कैसे किसी पे प्यार आता है?
    नीद चैन कोई कैसे गवाता है?
    तुम सामने जो आए....खा गए हम भी दाव....।

    जिन राहो को देख कर डरते थे हम सनम
    उन राहों पे क्यो दौड़ते है आज ये कदम
    वक्त के दरिया मे ठहरी .....ज़िंदगी की नाव...।

    इसको कहे हम इश्क या उम्र का बहाव
    दे कर गया है दिल की गहराइओ मे ................................Anshu gupta

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