इसको कहे हम इश्क या उम्र का बहाव दे कर गया है दिल की गहराइओ मे घाव अभी तो कितनी मंज़िले पर करना हैअभी तो कितने रास्तो से गुजरना हैकभी न आया...न आएगाये पथरीला पड़ाव.................।कहते थे हम कैसे किसी पे प्यार आता है?नीद चैन कोई कैसे गवाता है?तुम सामने जो आए....खा गए हम भी दाव....।जिन राहो को देख कर डरते थे हम सनमउन राहों पे क्यो दौड़ते है आज ये कदमवक्त के दरिया मे ठहरी .....ज़िंदगी की नाव...।इसको कहे हम इश्क या उम्र का बहाव दे कर गया है दिल की गहराइओ मे ................................Anshu gupta
इसको कहे हम इश्क या उम्र का बहाव
ReplyDeleteदे कर गया है दिल की गहराइओ मे घाव
अभी तो कितनी मंज़िले पर करना है
अभी तो कितने रास्तो से गुजरना है
कभी न आया...न आएगा
ये पथरीला पड़ाव.................।
कहते थे हम कैसे किसी पे प्यार आता है?
नीद चैन कोई कैसे गवाता है?
तुम सामने जो आए....खा गए हम भी दाव....।
जिन राहो को देख कर डरते थे हम सनम
उन राहों पे क्यो दौड़ते है आज ये कदम
वक्त के दरिया मे ठहरी .....ज़िंदगी की नाव...।
इसको कहे हम इश्क या उम्र का बहाव
दे कर गया है दिल की गहराइओ मे ................................Anshu gupta