Thursday, 27 September 2012

तेरे मटमैले दमन मे





3 comments:

  1. इस दिल को यूं ही बेक़रार रहने दे तेरा इंतज़ार रहने दें
    मुहोब्बत रास नही आई सुलगते अंगारओं पे चल जाने दे
    बोहॊत ख़ूबसूरत शाइरी

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  2. इंतजार ....

    शाम हुई पंछी लौट आये

    मैं कहाँ जाउँ?

    कब तक करू तेरा इंतजार ?

    चलते रास्ते कहते है चल तू मेरे साथ

    लेकिन मेरे उठते कदम कहाँ ले जाऊं ?

    डूबते दिन के साथ ,डूबती है मेरी आश

    सिर्फ आंसूं है मेरे पास

    और तेरा इंतजार ... इंतजार !!!

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  3. इन उलजी उलजी राहोंमे.., कुछ देर तो दम भर लेने दे....,
    तेरे इन झुलसे झुलसे नयननसे, थोडी सी तो मय पी लेने दे.. ॥

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