" रिश्तों " ! इश्वर की देन होते है !
रिश्ते जब दूर जाते है तो, बहुत दर्द देते हैं|
पर ! रिश्ते ...
जब पास रह कर भी दूरिया बना लेते हैं|
तो दिल में एक कसक छोड़ जाते हैं ||
" नीशी " दिल को बहोत कष्ट देते हैं|
"रिश्तों" के इशारों से तो हम जीते हैं|
और...
"रिश्तों" के भरोसे से तो हम मरते हैं||
नलिनी सिंह " नीशी ".

No comments:
Post a Comment