नलिनीसिंह "नीशी" की रचनाए आप तक
Tuesday, 4 September 2012
सच्ची प्रीत
सच्ची प्रीत और सच्चा रिश्ता वफ़ा से निभाओ |
सच्ची प्रीत और सच्चे रिश्ते को बदनाम ना करो ||
यह अमृत बूँद, जीने की वजह, दिल का सुकून है |
जो इंसानी मरे हुए भावों को जिन्दा करती है ||
नलिनी सिंह " नीशी "
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