नलिनीसिंह "नीशी" की रचनाए आप तक
Wednesday, 12 September 2012
ये जवानी का आलम,
ये अदा एं जान लेवां,
ये निगाहें कातिलाना,
तुम्ही पर लुटा देंगे हम अपने ईमान को |
तुम्हें देख के हमनें मान लिया है रब को ||
नलिनी सिंह " नीशी "
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