Tuesday, 2 October 2012

तेरे बग़ैर









4 comments:

  1. कैसे अपना दर्द छुपाउ दुनियासे..???,
    दिलके हर एक जख्मसे..,
    सिर्फ तेरी ही खुशबु आती है...!!!॥

    ReplyDelete
  2. સારૂ છે.

    . . . દિનેશ પાણ્ડેય.

    ReplyDelete
  3. बहुत सुन्दर कविता है। बधाई।

    ReplyDelete